भारत और जापान ने विकासशील देशों में अनुसंधान, नीति निर्माण, और क्षमता विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी की है। यह समझौता भारत के नई दिल्ली स्थित DAKSHIN-Global South Centre of Excellence और जापान के Institute of Developing Economies-JETRO (IDE-JETRO) के बीच चिबा में हुआ। इस गठबंधन का लक्ष्य ग्लोबल साउथ के देशों के लिए शोध-आधारित नीतियों और व्यवहारिक विकास मॉडलों का निर्माण करना है।
इस सहयोग के तहत, दोनों संस्थान विकास से जुड़ी चुनौतियों पर मिलकर शोध करेंगे और स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास मॉडल तैयार करेंगे, जिन्हें विभिन्न देशों में प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। इसके अलावा, साक्ष्य-आधारित नीति सुझावों और संस्थागत सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे विकासशील देशों को लाभ होगा।
समझौते की शर्तों के अनुसार, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, शोध परियोजनाएं, और शैक्षणिक आदान-प्रदान जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन पहलों का उद्देश्य विकासशील देशों के नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं, और संस्थानों की क्षमता को मजबूत करना है ताकि ज्ञान और तकनीकी सहयोग का विस्तार किया जा सके।
दोनों संस्थाएं मानती हैं कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। यह साझेदारी समावेशी, टिकाऊ, और लचीले विकास मॉडल तैयार करने के साथ-साथ ग्लोबल साउथ के देशों के बीच ज्ञान साझाकरण और दीर्घकालिक विकास सहयोग को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी।