भारत के केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री, किरेन रिजिजू, हाल ही में कतर की राजधानी दोहा का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य फादर अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करना था। रिजिजू ने कतर के वर्तमान अमीर, शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात की और उनके प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की संवेदनाएं व्यक्त कीं।
दिवंगत फादर अमीर के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए, रिजिजू ने उन्हें एक दूरदर्शी नेता के रूप में वर्णित किया, जिन्होंने न केवल कतर के विकास में बल्कि भारत और कतर के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कतर में बसे भारतीय समुदाय ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
इससे पूर्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फादर अमीर को भारत का सच्चा मित्र माना था और उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका की सराहना की थी।
फादर अमीर के योगदान को सम्मानित करते हुए, भारत ने 13 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया था। इस दिन को चिन्हित करने के लिए सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका और सभी आधिकारिक मनोरंजन गतिविधियों को स्थगित कर दिया गया था।
रिजिजू की यह यात्रा भारत और कतर के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो आपसी सहयोग और सम्मान को बढ़ावा देने में सहायक होगी।